Guru Purnima : देश की कई मशहूर हस्तियों ने लिया सद्गुरु से आशीर्वाद

10 जुलाई को भारत की धराधाम पर गुरु पूर्णिमा मनाई गई। हालांकि सद्गुरु धाम में इससे जुड़े महोत्सव की शुरुआत 04 जुलाई से ही हो गई थी। जब ओडिशा के अंगुल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। इसके बाद इस पर्व का आयोजन छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ, जहां तुलसी मंदिर हसौद में इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दिल्ली-वाराणसी में दिखे अद्भुत नजारें

04 जुलाई से शुरु हुए गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अद्भुत नजारें दिल्ली और वाराणसी में देखने को मिले, जहां गुरु पूर्णिमा से जुड़े कार्यक्रम के दौरान देश की मशहूर हस्तियां शामिल हुईं।

दरअसल, दिल्ली के सद्गुरु धाम आश्रम नांगलोई में 09 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ पंकज सिंह की पत्नी रश्मि सिंह, पूर्व MLA गिरीश सोनी की पत्नी ममता सोनी और दिल्ली पुलिस में ACP के पद पर तैनात प्रवीण जी भी शामिल हुए। इस दौरान न केवल दिल्ली बल्कि राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड और गुजरात के लोगों का भी नांगलोई आश्रम में आगमन देखने को मिला।

वाराणसी में दिखी गुरु आस्था की भीड़

मां गंगा की गोद में बसे इस शहर में भी सद्गुरु धाम की ओर से गुरु पूर्णिमा पर्व का आयोजन कराया गया। 10 जुलाई को आयोजित इस महोत्सव के दौरान उत्तर भारत समेत दक्षिण भारत से जुड़े लोगों का तांता देखने को मिला। इसके अलावा 04 जुलाई से सद्गुरु धाम की ओर से आयोजित हुए गुरू पूर्णिमा महोत्सव का काशी नगरी में समापन भी हो गया।

गुरु पूर्णिमा का क्या महत्व है ?

गुरु पूर्णिमा, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसे विश्व में केवल एक जगह भारत में मनाया जाता है। यह गुरु कृपा की महिमा को बताने वाला विशेष दिन होता है, जिस दिन सच्चे शिष्यों के द्वारा अपने गुरु की अराधना की जाती है। यह पर्व आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके महत्व को स्वीकार करने का भी दिन होता है। इस दिन अपने गुरु के प्रति पूजा करने वाले इंसान के अंदर आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है।