कुंडलिनी जागरण का सर्वोच्च शिखर – सहस्त्रार चक्र का रहस्य
पूज्य सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने अपनी पुस्तकों ‘लोक-परलोक’ और ‘कुंडलिनी जागरण’ में कुंडलिनी जागरण के एक-एक चक्रों का गहराई से विश्लेषण किया है। पूज्य…
स्वर योग साधना भारत की प्राचीनतम विधि है…जिसके प्रयोग से आप अपने घर-परिवार-समाज में प्रसन्नता पूर्वक रहते हुए सफलता प्राप्त कर सकते हैं…स्वर योग साधना केवल जीवंत स्वर-विद्य गुरु के सान्निध्य में रहकर ही फलित होती है…इस साधना में साधक अपने श्वास को माध्यम बनाकर, अपने दैहिक-दैविक-भौतिक तापों से मुक्त हो अध्यात्म के चरम पर पहुँचने की कला सीखता है…स्वर और जीवन के रहस्यों को स्वयं अनुभव कर जीव-जगत में रहते हुए, राजा की तरह विचरण करता है…
स्वर-साधना से हम भूत, भविष्य और वर्तमान को जान सकते हैं स्वरों के आधार पर हम अपने जीवन में बहुत से चीजों का निर्धारण कर सकते हैं |
नियमित रूप से की जाने वाली स्वर साधना एक योग की तरह होती है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ रहते हुए दीर्घायु होता है |
स्वर साधना से हमारा शरीर शीतल प्रकृति का हो जाता है, जिससे हमें गर्मी और पित्त जनित रोगों से रक्षा होती है |
सद्गुरु से दीक्षा लेने के बाद मुझे ऐसा लगा कि, इस समय यदि भगवान बुद्ध के समान कोई दीक्षा दे सकता है तो वो स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के अलावा दूसरा कोई नहीं है
डॉ. सुप्रीति AIIMS DELHI
मेरी ज़िंदगी लंबे समय तक एक भटके हुए मुसाफ़िर की तरह थी – उद्देश्यहीन, उलझनों से भरी और भीतर एक खालीपन का एहसास लिए हुए।
दिनेश कुमार सिंह WIN MEDICAREपूज्य सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने अपनी पुस्तकों ‘लोक-परलोक’ और ‘कुंडलिनी जागरण’ में कुंडलिनी जागरण के एक-एक चक्रों का गहराई से विश्लेषण किया है। पूज्य…
कुंडलिनी जागरण सीरीज में अब हम आज्ञा चक्र की चर्चा करेंगे। आज्ञा चक्र कुंडलिनी जागरण की यात्रा का एक सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। सद्गुरु ने विशेष…
सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने अपनी पुस्तकें ‘लोक-परलोक’ और ‘कुंडलिनी जागरण’ में सरल भाषा में कुंडलिनी जागरण के एक-एक चक्र को समझाया है। हमारे कुंडलिनी…
कुंडलिनी जागरण एक गुप्त राजयोग है, जो सिर्फ और सिर्फ किसी सद्गुरु के निर्देशन में ही जागृत किया जा सकता है। पूज्य सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी…
सद्गुरु की दीक्षा लेने के बाद मैं उस मुकाम पर पहुंच गया जिसे मैं पाना चाहता था, इसके अलावा उनके पास इतनी शक्ति है कि वे हिंसक जीव को भी अपने वश में कर सकते है
ठाकुर नारायण तिवारी ASI (यूपी पुलिस)