सच्चे गुरु की खोज कैसे करें
आज संसार में विशेषकर सनातनधर्मी भारतवर्ष में लगभग प्रत्येक गली कूचे में तथाकथित गुरुओं की भरमार हो गई है। ऐसे में सच्चे गुरु की खोज वास्तव…
इस साधना में अपने सांसारिक मोह को त्यागकर खुद को एकाकी मानना होता है और फिर परमपूज्य गुरुदेव की कृपादृष्टि से आत्मिक योग का संचालन होता है। जो हमें हमारे होने का बोध कराता है समस्त ब्रह्माण्ड में चराचर प्राणियों को देखने के सौभाग्य के साथ-साथ परमात्मा के दर्शन भी प्राप्त होते हैं लेकिन आत्मा से परमात्मा तक जाने में एकाग्रता का होना अत्यावश्यक होता है। परमपूज्य गुरु जी के कथनानुसार कुंडलिनी साधना के लिए अभ्यास, एकाग्रचित्तता तथा आत्मिक अभिलाषा का होना अधिक जरूरी होता है।
दिव्य गुप्त विज्ञान से मन के दैविक गुण जैसे धैर्य, सन्तोष, सहिष्णुता व प्रेम जाग जाते हैं और इस संसार में ही स्वर्ग दिखने लगता है |
प्रेम को अध्यात्म का मूल मंत्र बताया गया है इसलिए प्रेम साधना से आत्मा को मुक्ति मिलना निश्चित है।
प्रेम साधना के माध्यम से शत्रु को भी वश में किया जा सकता है।
सद्गुरु से दीक्षा लेने के बाद मुझे ऐसा लगा कि, इस समय यदि भगवान बुद्ध के समान कोई दीक्षा दे सकता है तो वो स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के अलावा दूसरा कोई नहीं है
डॉ. सुप्रीति AIIMS DELHI
मेरी ज़िंदगी लंबे समय तक एक भटके हुए मुसाफ़िर की तरह थी – उद्देश्यहीन, उलझनों से भरी और भीतर एक खालीपन का एहसास लिए हुए।
दिनेश कुमार सिंह WIN MEDICAREआज संसार में विशेषकर सनातनधर्मी भारतवर्ष में लगभग प्रत्येक गली कूचे में तथाकथित गुरुओं की भरमार हो गई है। ऐसे में सच्चे गुरु की खोज वास्तव…
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क्या आप भी किसी मंत्र को मन ही मन जपते हैं और उसे ही अजपा जप मान लेते हैं? क्या आपके गुरु ने आपको प्रत्यक्ष रुप…
आज का मनुष्य बाहर की दौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि अपने भीतर की आवाज़ सुनना भूल गया है। जीवन में प्रश्न तो बहुत…
सद्गुरु की दीक्षा लेने के बाद मैं उस मुकाम पर पहुंच गया जिसे मैं पाना चाहता था, इसके अलावा उनके पास इतनी शक्ति है कि वे हिंसक जीव को भी अपने वश में कर सकते है
ठाकुर नारायण तिवारी ASI (यूपी पुलिस)