देवभूमि उत्तराखंड में दो आध्यात्मिक पुरुषों की मुलाकात देखने को मिली। यहां एक साथ, एक मंच पर साधना के सबसे परिचायक सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज और योग के सबसे परिचायक योग गुरु स्वामी रामदेव बैठे हुए दिखे। यह बैठकी हरिद्वार स्थित पतंजलि योग ग्राम में हुई, जहां योग दिवस के उपलक्ष्य में योग के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य के लिए आह्वान किया गया है। इस दौरान सद्गुरु धाम ब्रदीनाथ के महात्मा बिनोदानंद स्वामी भी मौजूद रहें।
स्वामी रामदेव को सद्गगुरु ने भेंट की ‘गीता ज्ञान मंदाकिनी’
योग ग्राम में हुई इस मुलाकात के दौरान बाबा राम देव ने सद्गुरु का स्वागत करते हुए ‘योग धर्म को युग धर्म’ के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया। इस मौके पर सद्गुरु के द्वारा स्वामी जी को गीता ज्ञान मंदाकिनी पुस्तक भेंट की गई। असल में गीता ज्ञान मंदाकिनी सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है। जो किसी भी इंसान को उसके सही कर्म और उसके मानव धर्म के बीच के अंतर को समझाती है। इस भेंट के दौरान बाबा रामदेव ने सद्गुरु से व्यक्तिगत तौर पर भी मुलाकात की और बदलते हुए भारत में योग और साधना को एक साथ आने की बात कही। इस दौरान देश के दो बड़े ऋषियों ने सनातन संस्कृति पर जोर देते हुए पूरे विश्व में सनातन के प्रचार-प्रसार करने का भी संकल्प लिया।

इस साल मनाया जाएगा 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
हर साल की तरह इस साल भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। 11 दिसंबर 2014 को यूनाइटेड नेशन से मिली मान्यता के बाद साल 2015 में पहली बार योग दिवस मनाया गया था। इसमें 192 देशों ने हिस्सा लिया। वहीं इस बार 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। जिसकी थीम ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ रखी गई है।