भक्ति का सही अर्थ, जो अभी तक आपको नहीं पता!

भक्ति—यह शब्द सुनते ही हमारे मन में कई चित्र उभर आते हैं। भगवान की प्रार्थना करना, रोज़ मंदिर जाना, व्रत-उपवास रखना या फिर गलत कार्यों से दूर रहना। आमतौर पर हम इन्हीं बातों को भक्ति का रूप मान लेते हैं। लेकिन क्या सच में यही भक्ति का वास्तविक और पूर्ण अर्थ है? या फिर भक्ति […]

तनाव से ध्यान तक Sadguru देंगे समाधान!

21 दिसंबर को वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर मुंबई के जी डी सोमानी रोड स्थित झूलेलाल मंदिर हॉल में सद्गुरु श्री कृष्णानंद स्वामी जी का साधकों और श्रद्वालुओं के साथ सीधे संवाद का आयोजन हो रहा है। इस अवसर पर सद्गुरु कीर्तन, सद्गुरु आशीर्वचन और सद्गुरु के द्वाला जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शन […]

सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज का 76वां अवतरण दिवस

दिल्ली स्थित सद्गुरु धाम आश्रम में आज के समय के सद्गुरु, पूज्य स्वामी कृष्णानंद जी महाराज का 76वां अवतरण दिवस श्रद्धा, उल्लास और दिव्यता के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम 6 तारीख को शुरु हुआ, जिसका समापन 8 तारीख को सद्गुरु के अवतरण दिवस के बाद समाप्त हुआ।  यह तीन दिवसीय आयोजन आध्यात्मिक […]

उपनिषद क्या सिखाते हैं? ऐसे बदलें जीवन!

भारतीय ज्ञान और परंपरा में उपनिषदों को वेदों का हृदय माना जाता है। आज भी जब जीवन में उलझनें बढ़ती हैं, मन अशांत होता है और व्यक्ति अपने अस्तित्व के अर्थ को समझना चाहता है, तब उपनिषदों की शिक्षाएँ एक प्रकाश स्तंभ की तरह मार्ग दिखाती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता […]

तपस्वी कौन होता है? स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने बताया तप का असली अर्थ

भारतीय संस्कृति में ‘तप और ‘तपस्वी’ शब्द का महत्व अत्यंत गहरा है। सदियों से यह मान्यता रही है कि तप वही कर सकता है जो पर्वतों की गुफाओं में रहे, एकांत में साधना करे, ब्रह्मचर्य का कठोर पालन करे और मंत्र-जाप या कठिन व्रतों में लीन रहे। आम जीवन जीने वाला व्यक्ति—जो परिवार संभालता है, […]

हनुमान जी क्यों कहलाए ‘कंचन-वरण’? – सुंदरता और कुरूपता का आध्यात्मिक रहस्य

भारत की आध्यात्मिक परंपरा में हनुमानजी की छवि अपार शक्ति, भक्ति और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तुलसीदासजी ने उनकी सुंदरता को कंचन-वरण यानी सोने जैसे उज्ज्वल रंग से क्यों जोड़कर वर्णित किया? जबकि स्वयं हनुमानजी कहते हैं कि उनका रूप कोई मोहक देव-सौंदर्य नहीं था। आखिर […]

क्या सच में हम अपने पिछले जन्म को जान सकते हैं?

PIchala Janam

अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है, हमारे पिछले जन्म में हम क्या थे? क्या आज जो सुख-दुःख हम भोग रहे हैं, वह हमारे पुराने कर्मों का परिणाम है? क्या यह हमारे प्रारब्ध का हिस्सा है? कई लोग इन प्रश्नों के उत्तर के लिए तांत्रिकों, ज्योतिषियों और कर्मकाण्डियों के पास जाते हैं, लेकिन सत्य […]

मन के मैल को कैसे करें दूर? सद्गुरु ने बताया अद्भुत उपाय

Man Ki santi

भारत में धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ या कर्मकाण्ड नहीं, बल्कि आत्मिक स्वच्छता से जुड़ा हुआ है। इंसान बाहर से चाहे कितना भी भक्ति का आडंबर रच ले, लेकिन जब तक उसके भीतर की धूल नहीं झाड़ी जाती, तब तक वह सच्चे अर्थों में धार्मिक नहीं बन सकता। सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने अपनी […]

नवरात्रि 2025: व्रत, उपवास, देवी पूजा के नियम और महत्व | Navratri Vrat Puja Vidhi in Hindi

पूरे भारतवर्ष में Navratri मनाई जा रही है। यह त्यौहार भारत के मनीषियों और ऋषियों की खोज है, जिसे भारतीयों के द्वारा बड़े ही उमंग से मनाया जाता है। नवरात्र का तात्पर्य नयापन से होता है, जिस दौरान हर इंसान जप-तप के माध्यम से खुद में नई ऊर्जा भर सकता है। यह भारत का एक […]

Honeymoon की सच्चाई: नए चलन पर सद्गुरु की राय और समाज पर प्रभाव

Honeymoon

नए जमाने की नई परंपरा हनीमून से तो आप भलि भांति परिचित होंगे, यह वही चलन है, जिसके बिना आज की अधिकतर शादियां अधूरी मानी जा रही है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि नव विवाहित जोड़ों को एक दूसरे को समझने के लिए यह अच्छी परंपरा है, क्योंकि इस दौरान शादी के […]